Month: April 2026

सिर्फ़ गाली देना या जाति का नाम लेना SC/ST Act के तहत अपराध नहीं: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट

जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि SC/ST (Prevention of Atrocities) Act, 1989 की धारा 3(1)(s) के तहत अपराध सिद्ध करने के लिए केवल…

30 जून को रिटायर होने पर 1 जुलाई का annual increment नहीं रोका जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस अनिल क्षत्रपाल और जस्टिस अमित महाजन की डिवीज़न बेंच ने फैसला सुनाया कि 30 जून को रिटायर होने वाला सरकारी कर्मचारी 1 जुलाई को मिलने वाले…

सोशल मीडिया पोस्ट फॉरवर्ड करना BNS के तहत अपराध नहीं, मंशा जरूरी: तेलंगाना हाईकोर्ट

तेलंगाना हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर किसी पोस्ट या खबर को मात्र फॉरवर्ड कर देना, अपने आप में आपराधिक कृत्य नहीं बन…

BNSS की धारा 35 के तहत WhatsApp या Email से नोटिस मान्य नहीं, physical service जरूरी; लेकिन नोटिस से बचने पर गिरफ्तारी वैध हो सकती है: कर्नाटक हाईकोर्ट

  कर्नाटक हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी-पूर्व प्रक्रिया से जुड़े एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि BNSS की धारा 35(3) के तहत दिया जाने वाला notice of appearance केवल WhatsApp…

CrPC की धारा 41A के तहत व्हाट्सऐप नोटिस मान्य नहीं, अर्नेश कुमार गाइडलाइन्स के उल्लंघन पर पुलिस अधिकारी दोषी: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने व्यक्तिगत स्वतंत्रता और गिरफ्तारी-पूर्व प्रक्रिया से जुड़े एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि CrPC की धारा 41A के तहत आरोपी को दिया जाने वाला notice…

डिफ़ॉल्ट के कारण मुकदमा खारिज होना अपने आप में रेस ज्यूडिकाटा नहीं बनता, लेकिन पहले की कार्यवाही छोड़ देने वाले पक्ष को बाद में राहत भी नहीं मिल सकती: सुप्रीम कोर्ट

सिविल प्रक्रिया कानून के एक महत्वपूर्ण सिद्धांत को स्पष्ट करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि केवल डिफ़ॉल्ट के कारण किसी वाद का खारिज होना section 11 CPC के…

धारा 20 RTI Act की दंड कार्यवाही में शिकायतकर्ता को सुनवाई का अधिकार नहीं, जब तक आयोग अनुमति न दे: केरल हाईकोर्ट

सूचना के अधिकार कानून से जुड़े एक महत्वपूर्ण निर्णय में केरल हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि RTI Act की धारा 20(1) के तहत SPIO के खिलाफ चलने वाली penalty…

हिंदू कानून में विधवा ससुर से भी मांग सकती है भरण-पोषण, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पति की अपील खारिज करते हुए सिद्धांत दोहराया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश में कहा है कि पति अपनी पत्नी के भरण-पोषण के लिए बाध्य है, और हिंदू कानून में यह सिद्धांत इतना स्थापित है कि उपयुक्त…

मायके से मिली संपत्ति पर पति का अधिकार है या नहीं? आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने क्या कहा

आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि यदि किसी हिंदू महिला को अपने पिता या माता से संपत्ति विरासत में मिली हो, और उसकी…

अंतरधार्मिक लिव-इन रिलेशनशिप अपराध नहीं; पार्टनर चुनने का अधिकार अनुच्छेद 21 का हिस्सा: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में स्पष्ट किया है कि अंतरधार्मिक लिव-इन रिलेशनशिप अपने आप में कोई अपराध नहीं है। कोर्ट ने कहा कि किसी बालिग व्यक्ति को अपनी…