यूपी में 10 लाख से नीचे की रजिस्ट्री पर भी अब पैन अनिवार्य

यूपी में अचल संपत्ति रजिस्ट्री: ऑनलाइन आवेदन में PAN नंबर अब “अनिवार्य” (पत्रांक 592, दिनांक 04.02.2026) उत्तर प्रदेश में अचल संपत्ति (भूमि, मकान, प्लॉट आदि) के पंजीकरण की प्रक्रिया को…

बिकने के बाद वाहन हादसे की स्थिति में वही जवाबदेह जिसका सरकारी रिकॉर्ड में होगा नाम

इलाहाबाद हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में स्पष्ट किया है कि यदि कोई वाहन बिक चुका है लेकिन परिवहन विभाग (RTO) के रिकॉर्ड में अभी भी पुराने मालिक…

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा-एक मामले में भी लागू हो सकता है गैंगस्टर एक्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट के हालिया दृष्टिकोण के अनुसार गैंगस्टर एक्ट (U.P. Gangsters Act) केवल एक (1) आपराधिक मामले के आधार पर भी लगाया जा सकता है। आम धारणा यह रहती है…

एलएलबी डिग्री को मान्यता

बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) ने सूचित किया है कि विधिक शिक्षा के पूर्व नियम, 1989 के तहत, बीसीआई ने दिल्ली और कुछ अन्य राज्यों के संस्थानों सहित कुछ विश्वविद्यालयों…

अभिव्यक्ति की आजादी की आड़ में मानहानि का अधिकार नहीं : दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने इंटरनेट मीडिया पर अपमानजनक पोस्ट से संबंधित मामले में कहा है कि संविधान में अभिव्यक्ति की आजादी महत्वपूर्ण अधिकार है, लेकिन इसका उपयोग मानहानिकारक या दुर्भावनापूर्ण सामग्री…

CIC का बड़ा फैसला: वकील मुवक्किल के लिए RTI का इस्तेमाल नहीं कर सकते

केंद्रीय सूचना आयोग (CIC), नई दिल्ली ने एक अहम निर्णय में कहा है कि वकील अपने मुवक्किल के मामलों में जानकारी पाने के लिए “प्रतिनिधि” के तौर पर RTI का…

झूठी FIR दर्ज कराने वालों पर पुलिस के लिए मुकदमा चलाना अनिवार्य, पालन न करने पर IOs को अवमानना ​​का सामना करना पड़ेगा: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट: गैर-संज्ञेय धाराओं में FIR दर्ज कर “स्टेट केस” की तरह संज्ञान लेना गलत; मजिस्ट्रेट का आदेश निरस्त, मामला वापस भेजा इलाहाबाद हाईकोर्ट ने Umme Farva v. State of…

केस स्टडी: Dinesh Kumar Shukla v. State of U.P. & Others – स्थानांतरण नीति और सेवानिवृत्ति के निकट कर्मियों का पोस्टिंग अधिकार

🗂️ केस विवरण केस नाम: Dinesh Kumar Shukla v. State of U.P. & Others अपील संख्या: Special Appeal Defective No. 20 of 2025 निर्णय दिनांक: 17 जनवरी 2025 पीठ: मा.…

केस स्टडी: Shivakar Singh v. State of U.P. – क्या जेल में बिताया समय सेवा काल माना जा सकता है?

🔎 1. केस का परिचय (Case Introduction) यह मामला श्री शिवाकर सिंह बनाम उत्तर प्रदेश राज्य से संबंधित है, जिसमें याची ने 2015 से 2018 तक की उस अवधि का…

इलाहाबाद उच्च न्यायालय का दिशानिर्देशक निर्णय: चरित्र प्रमाण पत्र संबंधी मामलों में नया दृष्टिकोण

📜 इलाहाबाद उच्च न्यायालय का महत्वपूर्ण निर्णय: “चरित्र प्रमाणपत्र” नहीं, केवल तथ्यात्मक ‘पूर्ववृत्त प्रमाणपत्र’ दें – लंबित आपराधिक मामलों के आधार पर सीधे इनकार नहीं किया जा सकता 📌 प्रकरण…