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इलाहाबाद हाईकोर्ट: “सिर्फ Conviction” के आधार पर सेवा-समाप्ति नहीं—“Conduct Led to Conviction” पर कारणयुक्त विचार अनिवार्य

मामला: WRIT-A No. 1884 of 2020, Kamlesh Kumar v. State of U.P. & Anr. (Neutral Citation: 2025:AHC:122834) 1) केस का संक्षिप्त तथ्य-परिचय याची (Kamlesh Kumar) ने हाईकोर्ट में उस आदेश…

यूपी में पैतृक संपत्ति के “विभाजन विलेख” पर बड़ी राहत: स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्री फीस अब अधिकतम ₹5,000

उत्तर प्रदेश सरकार (स्टाम्प एवं निबंधन विभाग) ने 04 सितम्बर 2025 को जारी दो अलग-अलग अधिसूचनाओं के जरिए पैतृक अचल संपत्ति के विभाजन विलेख (Partition Deed) पर लगने वाले स्टाम्प…

केंद्रीय कर्मचारियों को बड़ी राहत: इलाज में खर्च 10 लाख रुपये तक की प्रतिपूर्ति अब स्थानीय स्तर पर

केंद्रीय कर्मचारियों, पेंशनरों और उनके आश्रितों के लिए स्वास्थ्य संबंधी खर्चों को लेकर एक महत्वपूर्ण राहत की खबर सामने आई है। सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (CGHS) के लाभार्थियों को अब…

विवेचना की खामियां चश्मदीदों के बयानों को झुठला नहीं सकतीं

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक करीब 42 साल पुराने दोहरे हत्याकांड में अहम टिप्पणी करते हुए साफ किया है कि पुलिस विवेचना (Investigation) में हुई कमियां—जैसे हत्या में प्रयुक्त हथियार की…

93 दिन की अनधिकृत अनुपस्थिति पर “परिनिन्दा प्रविष्टि” बरकरार: यूपी राज्य लोक सेवा अधिकरण (लखनऊ) का आदेश

उत्तर प्रदेश राज्य लोक सेवा अधिकरण, इन्दिरा भवन, लखनऊ की न्यायालय संख्या–8 ने याचिका संख्या 2065/2023 में एक महत्वपूर्ण संदेश दोहराया है—ड्यूटी से लम्बी अनुपस्थिति को “चिकित्सा कारण” बताने मात्र…