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भरण-पोषण बार-बार मिलने वाला अधिकार, समझौते का उल्लंघन होने पर पत्नी फिर से शुरू कर सकती है पुरानी अर्जी: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने Murtaza Alias Phool Miya Alias Guddu v. State of U.P. and Another, Criminal Revision No. 5870 of 2025, निर्णय दिनांक 18 March 2026 में महत्वपूर्ण टिप्पणी की…

पति पर माता-पिता का खर्च होने से पत्नी-बच्चे के maintenance से छुटकारा नहीं मिलेगा: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने Ajay Verman v. State of U.P. and 2 Others, Criminal Revision No. 1108 of 2026, निर्णय दिनांक 12 मार्च 2026, में कहा कि पत्नी और नाबालिग बच्चे…

विभागीय जांच में कर्मचारी द्वारा स्वीकार न किए गए दस्तावेजों को गवाह के जरिए साबित करना जरूरी: सुप्रीम कोर्ट

विभागीय कार्यवाही में एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है कि यदि कर्मचारी ने आरोपों से स्पष्ट इनकार किया है, तो केवल कागजी औपचारिकता निभाकर उसे दोषी…

सेवानिवृत्ति के बाद बर्खास्तगी नहीं, केवल पेंशन संबंधी कार्रवाई संभव: इलाहाबाद हाईकोर्ट, लखनऊ खंडपीठ के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने भी दखल से किया इंकार

इलाहाबाद हाईकोर्ट, लखनऊ खंडपीठ ने Gaya Prasad Yadav v. State of U.P. through Principal Secretary, Home, Lucknow and Another, Special Appeal No. 408 of 2021 में एक महत्वपूर्ण निर्णय देते…

सेवानिवृत्ति के बाद मंत्री की स्वीकृति से शुरू की गई CSR 351-A की कार्यवाही पर उठा सवाल, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पेंशन जारी रखने का दिया आदेश

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने Sadanand Sharma v. State of U.P. and 6 Others, Writ – A No. 14712 of 2024 में एक महत्वपूर्ण अंतरिम राहत देते हुए यह संकेत दिया कि…

अवैध शराब कांड में दंडित आबकारी अधिकारी को राहत, लोक सेवा अधिकरण ने वेतन-भत्ते रोकने का आदेश किया रद्द

लोक सेवा अधिकरण, लखनऊ ने माना कि केवल घटना हो जाने भर से अधिकारी की लापरवाही स्वतः सिद्ध नहीं हो जाती। यदि आरोपों के समर्थन में ठोस साक्ष्य, स्पष्ट कारण…

इलाज के दौरान मृत्यु होने पर भी मेडिकल खर्च मिलेगा, कानूनी वारिस दावा कर सकेंगे: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में स्पष्ट किया है कि यदि किसी सरकारी कर्मचारी या पेंशनर की इलाज के दौरान मृत्यु हो जाए, या वह स्वयं…

‘शराब बिक्री लाइसेंस देने के बाद नहीं कह सकते कि यह मौलिक हक नहीं’: Allahabad High Court

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने Writ Tax No. 5977 of 2025, Vijay Kumar Sharma v. State of U.P. and 4 Others में एक महत्वपूर्ण फैसला दिया है। माननीय न्यायमूर्ति Piyush Agrawal ने…

बहू सास-ससुर के भरण-पोषण के लिए कानूनी रूप से बाध्य नहीं : इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में स्पष्ट किया है कि सिर्फ नैतिक दायित्व के आधार पर बहू को अपने सास-ससुर का भरण-पोषण करने के लिए कानूनी रूप से बाध्य…

‘नैतिकता और कानून अलग-अलग हैं’, इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला- विवाहित पुरुष का बालिग के साथ लिव-इन में रहना अपराध नहीं

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा है कि यदि कोई शादीशुदा पुरुष किसी वयस्क महिला के साथ उसकी सहमति से लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहा है, तो…