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बिना किसी ठोस कारण के स्वेच्छा से अलग रहने वाली पत्नी भरण-पोषण की हकदार नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में कहा है कि यदि पत्नी बिना पर्याप्त और न्यायोचित कारण के पति से अलग रह रही है, तो वह दंड…

उत्तर प्रदेश किरायेदारी अधिनियम, 2021 के तहत मकान मालिक को ‘बोना फाइड नीड’ साबित करना जरूरी नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में स्पष्ट किया है कि उत्तर प्रदेश रेगुलेशन ऑफ अर्बन प्रिमाइसेज टेनेंसी एक्ट, 2021 के तहत बेदखली मांगने वाले मकान मालिक पर यह बोझ…

नाबालिग की उम्र दस्तावेज से साबित हो जाए तो बोन ऑसिफिकेशन टेस्ट जरूरी नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि यदि किसी बच्चे या किशोर की उम्र स्कूल या बोर्ड के दस्तावेज़ों से स्पष्ट रूप से सिद्ध…

कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने पर ब्लैकलिस्टिंग अपने आप नहीं होती, इसके लिए अलग से सोच-समझकर फैसला लेना जरूरी: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने M/s A.K.G. Construction and Developers Pvt. Ltd. v. State of Jharkhand & Ors., Civil Appeal Nos. of 2026 arising out of SLP (C) No. 23858 of 2025…

बड़ा अधिकारी अधीनस्थ के समान सजा की मांग नहीं कर सकता, सुप्रीम कोर्ट ने बैंक मैनेजर की बर्खास्तगी बहाल की

सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण सेवा-विधि निर्णय में स्पष्ट किया है कि किसी उच्च पदस्थ अधिकारी को केवल इस आधार पर अपने अधीनस्थ सह-दोषियों के समान हल्की सजा का दावा…

भरण-पोषण तय करते समय पत्नी की पेशेवर काबिलियत और कमाने की क्षमता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट

\इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में कहा है कि पत्नी के भरण-पोषण की राशि तय करते समय उसकी पेशेवर योग्यता, कार्य-अनुभव और कमाने की वास्तविक क्षमता को पूरी तरह…

रिश्वत के मामले में दोषसिद्ध सरकारी कर्मचारी को बर्खास्त करने से पहले विभागीय जांच जरूरी नहीं: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा है कि यदि किसी सरकारी कर्मचारी को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिश्वत मामले में दोषसिद्ध किया जा चुका है, तो उसी आचरण के आधार…

बिना मंजूरी सरकारी कर्मचारी पर मुकदमा अमान्य: पटना हाईकोर्ट ने वन अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही रद्द की

पटना हाईकोर्ट ने Anil Kumar Jha v. The State of Bihar and Anr., Criminal Miscellaneous No. 23310 of 2016 में 23 मार्च 2026 को पारित निर्णय में महत्वपूर्ण रूप से…

मुस्लिम पर्सनल लॉ में तलाक उसी तारीख से प्रभावी माना जाएगा, जिस दिन दिया गया हो, बाद की डिक्री केवल घोषणात्मक: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने Smt. Humaira Riyaz vs. State of U.P. and Another, Criminal Revision No. 3305 of 2025 में 10 मार्च 2026 को पारित निर्णय में कहा कि मुस्लिम पर्सनल…

‘वैवाहिक कलह में ससुराल पक्ष को फंसाने का हथियार नहीं बन सकता आपराधिक कानून’: कर्नाटक हाईकोर्ट ने क्रूरता का मामला रद्द किया

कर्नाटक हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में कहा है कि वैवाहिक विवाद के नाम पर आपराधिक कानून का इस्तेमाल पति के पूरे परिवार को मुकदमे में घसीटने के लिए नहीं…