Month: March 2026

राज्यकर्मियों को चल-अचल संपत्ति के साथ शेयर में निवेश का भी देना होगा ब्यौरा

● सरकारी कर्मचारियों की आचरण नियमावली में संशोधन को आज कैबिनेट से मिल सकती है स्वीकृति ● छह माह के मूल वेतन से अधिक शेयर बाजार में लगाने पर देना…

प्रतियोगी परीक्षा में दूसरे अभ्यर्थी के अंक की जानकारी दी जा सकती है पर उत्तर पुस्तिका की फोटोकॉपी देना अनिवार्य नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट

डीजल लोकोमोटिव के जीएम ने केंद्रीय सूचना आयोग के फैसले को दी थी चुनौती, हाईकोर्ट ने कहा-कोई दूसरे उम्मीदवार का अंक जानना चाहता है तो विभाग तीसरे पक्ष की गोपनीयता…

बिना सहमति UPSC मॉक इंटरव्यू ऑनलाइन डालना सही है? RTI से उठा बड़ा सवाल

UPSC अभ्यर्थियों के इंटरव्यू और नाम के प्रचारात्मक इस्तेमाल पर बहस तेज क्या कोई कोचिंग संस्थान किसी UPSC अभ्यर्थी का मॉक इंटरव्यू उसकी सहमति के बिना ऑनलाइन प्रकाशित कर सकता…

पुराने मुकदमों में संशोधन पर रोक का नया प्रावधान लागू नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट

सीपीसी के आदेश छह नियम 17 में 2002 में जुड़े नए प्रावधान पर बड़ा फैसला इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि ट्रायल शुरू होने के बाद वादपत्र में संशोधन पर रोक…

आपराधिक मुकदमे में बरी होने के बावजूद विभागीय बर्खास्तगी बरकरार: MP हाईकोर्ट (ग्वालियर) का फैसला

मामला: Sultan Singh Nagar v. State of Madhya Pradesh & Ors. कोर्ट: मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, ग्वालियर खंडपीठ (Justice Anand Pathak & Justice Anil Verma) दिनांक: 24 फरवरी 2026 | Writ…

मात्र पेशे से संबोधित करना SC/ST Act के तहत अपराध नहीं, अपमान की मंशा जरूरी: इलाहाबाद हाइकोर्ट

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में स्पष्ट किया है कि किसी व्यक्ति को उसके पेशे (profession) के आधार पर संबोधित करना मात्र, अपने आप में, अनुसूचित जाति एवं…

एफआईआर को वकील की सहायता से लिखवाना उसकी विश्वसनीयता कम नहीं करता: इलाहाबाद हाईकोर्ट

हाल ही में इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में स्पष्ट किया कि यदि किसी शिकायतकर्ता ने एफआईआर (First Information Report) वकील की सहायता से दर्ज कराई है, तो…

लखनऊ बेंच: ऑडिट के नाम पर रिकवरी नहीं—क्लास-III/IV की कटौती 8 हफ्ते में वापस

इलाहाबाद हाईकोर्ट, लखनऊ पीठ ने क्लास-III/IV (ग्रुप C/D) कर्मचारियों के वेतन-मान/पे-फिक्सेशन से जुड़े मामलों में एक अहम आदेश देते हुए कहा कि केवल ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर वर्षों बाद…

केरल हाईकोर्ट: आरोपी का “डाक पता” न होने पर भी मजिस्ट्रेट साइबर शिकायत वापस नहीं कर सकता

केरल हाईकोर्ट (न्यायमूर्ति C.S. Dias) ने कहा कि मजिस्ट्रेट किसी निजी शिकायत (private complaint) को केवल इस आधार पर वापस/लौटा नहीं सकता कि शिकायतकर्ता ने आरोपी का डाक/पोस्टल पता नहीं…