सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, मोटर वीकल ऐक्ट मुआवजे से बीमा की रकम नहीं घटाई जा सकती
सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला देते हुए कहा है कि नियोक्ता द्वारा उपलब्ध कराई गई group insurance, social security या अन्य सेवा/अनुबंध-आधारित लाभों के तहत आश्रितों को मिली राशि को Motor Vehicles Act, 1988 के तहत देय मुआवजे से घटाया नहीं जा सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसे लाभ “pecuniary advantage” की उस श्रेणी में नहीं आते, जिन्हें मोटर दुर्घटना मुआवजे से समायोजित किया जाए, क्योंकि वे एक स्वतंत्र contractual relationship से उत्पन्न होते हैं और उनका वैधानिक compensation से सीधा nexus नहीं होता।
यह फैसला The Managing Director, KSRTC v. P. Chandramouli & Ors. में दिया गया। इस मामले के Supreme Court case numbers हैं: Civil Appeal No(s). 5490–5491 of 2025 और संबद्ध Civil Appeal No(s). 5492–5493 of 2025। निर्णय 16 मार्च 2026 को सुनाया गया है। बेंच में जस्टिस पंकज मित्तल और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले शामिल थे।
सुप्रीम कोर्ट ने जिन हाई कोर्ट के फैसलों को बरकरार रखा, वे कर्नाटक हाई कोर्ट के थे: MFA No. 2593 of 2020 c/w MFA No. 3299 of 2020 तथा MFA No. 9538 of 2017। कोर्ट ने कहा कि मोटर दुर्घटना मुआवजा एक statutory entitlement है, जबकि employer-provided insurance या अन्य service benefits अलग स्रोत से आते हैं। इसलिए इन्हें “double benefit” कहकर claimants का मुआवजा कम नहीं किया जा सकता।
अदालत ने अपने पहले के फैसलों—जैसे Helen C. Rebello, Patricia Jean Mahajan और Sebastiani Lakra—का हवाला देते हुए दोहराया कि केवल वही आर्थिक लाभ मुआवजे से घटाए जा सकते हैं जिनका दुर्घटना से प्रत्यक्ष संबंध हो। बीमा, pensionary benefits, gratuity या रोजगार-आधारित अन्य लाभ, जिन्हें मृतक ने अपनी सेवा या अनुबंध के जरिए अर्जित किया हो, उन्हें मोटर दुर्घटना compensation से adjust नहीं किया जा सकता।
सुप्रीम कोर्ट ने दोनों appeals खारिज करते हुए हाई कोर्ट के आदेशों को बरकरार रखा और निर्देश दिया कि awarded compensation, यदि पहले जमा न किया गया हो, तो छह हफ्ते के भीतर जमा किया जाए। फैसले का असर यह होगा कि भविष्य में MACT और appellate courts, employer-provided group insurance या social security payouts को आधार बनाकर claimants का वैधानिक मुआवजा कम नहीं कर सकेंगे।
| Serial Number | Diary Number | Case Number | Petitioner / Respondent | Judgment |
|---|---|---|---|---|
| 1 | 25081/2021 | C.A. No.-005490-005491 – 2025 |
THE MANAGING DIRECTOR, KSRTC
VS
P. CHANDRAMOULI
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16-03-2026 |