पंजाब राज्य सूचना आयोग ने सूचना के अधिकार (RTI) के एक महत्वपूर्ण मामले में सख्त रुख अपनाते हुए एक लोक सूचना अधिकारी (PIO) पर ₹25,000 का अधिकतम जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि संबंधित अधिकारी ने आवेदक द्वारा मांगी गई सूचना पर लगभग 30 महीनों तक कोई जवाब नहीं दिया।
क्या था मामला?
मामला लुधियाना का है, जहां एक आवेदक ने सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत जानकारी मांगी थी। लेकिन संबंधित PIO ने न केवल समयसीमा के भीतर सूचना उपलब्ध नहीं कराई, बल्कि आयोग के समक्ष पेश होने और निर्देशों का पालन करने में भी लगातार लापरवाही बरती।
आयोग की सख्त टिप्पणी
आयोग ने पाया कि—
- RTI आवेदन पर 30 महीने तक कोई उत्तर नहीं दिया गया
- आयोग के नोटिस और सुनवाई की तारीखों को नजरअंदाज किया गया
- अधिकारी सुनवाई में अनुपस्थित रहा
इन परिस्थितियों को गंभीर मानते हुए आयोग ने इसे स्पष्ट रूप से कानून की अवहेलना माना।
क्या कार्रवाई हुई?
पंजाब राज्य सूचना आयोग ने—
- ₹25,000 का अधिकतम दंड (RTI Act, Section 20 के तहत) लगाया
- यह राशि संबंधित अधिकारी के वेतन से वसूलने का निर्देश दिया
- अधिकारी की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए जमानती वारंट (Bailable Warrants) जारी किए
- अगली सुनवाई में रिकॉर्ड सहित उपस्थित होने का आदेश दिया