सुप्रीम कोर्ट ने UCO Bank & Others v. M.B. Motwani (Dead) through LRs & Others (Citation: 2023 INSC 908, निर्णय दिनांक: 12 अक्टूबर 2023) मामले में महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए स्पष्ट किया कि विभागीय कार्यवाही केवल चार्जशीट जारी होने से ही शुरू मानी जाती है। यदि कर्मचारी के सेवानिवृत्त होने से पहले चार्जशीट जारी नहीं की गई है, तो बाद में शुरू की गई विभागीय कार्यवाही वैध नहीं मानी जाएगी।
इस मामले में बैंक के एक अधिकारी की सेवानिवृत्ति 31 जुलाई 1991 को हुई थी। सेवानिवृत्ति से पहले बैंक ने उन्हें केवल शो-कॉज नोटिस दिया था, जबकि चार्जशीट 07 दिसंबर 1991 को जारी की गई। इसके बाद विभागीय जांच कर कर्मचारी को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। कर्मचारी ने इस कार्रवाई को हाईकोर्ट में चुनौती दी, जहाँ से उसे राहत मिली और बाद में मामला सुप्रीम कोर्ट पहुँचा।
सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण टिप्पणी:
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि विभागीय कार्यवाही की शुरुआत केवल चार्जशीट जारी होने से होती है, केवल शो-कॉज नोटिस देने से नहीं। कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा, “The departmental proceeding was not initiated merely on issuance of a show cause notice. It is initiated only when a chargesheet is issued.” (Para 20.1, Page 14)। साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा, “The order of removal or dismissal from service can be passed only when an employee is in service.” (Para 20.1, Page 15)।
कोर्ट ने यह पाया कि कर्मचारी के सेवानिवृत्त होने के समय उसके विरुद्ध कोई विभागीय कार्यवाही लंबित नहीं थी, क्योंकि चार्जशीट सेवानिवृत्ति के बाद जारी हुई थी। इसलिए सेवानिवृत्ति के बाद की गई विभागीय कार्यवाही को अवैध मानते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बैंक की अपील खारिज कर दी और कर्मचारी के सभी सेवा संबंधी लाभ उसके कानूनी उत्तराधिकारियों को ब्याज सहित देने का निर्देश दिया।
यह निर्णय सेवा कानून का महत्वपूर्ण सिद्धांत स्थापित करता है कि विभागीय कार्यवाही की वास्तविक शुरुआत चार्जशीट जारी होने से होती है, न कि शो-कॉज नोटिस या प्रारंभिक जांच से। यदि चार्जशीट सेवानिवृत्ति के बाद जारी की जाती है, तो उस आधार पर कर्मचारी को सेवा से हटाने की कार्रवाई टिकाऊ नहीं होती।
| Serial Number | Diary Number | Case Number | Petitioner / Respondent | Bench | Judgment By | Judgment |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 1 | 32850/2009 | C.A. No.-008516-008516 – 2011 |
UCO BANK
VS
M.B.MOTWANI (DEAD) THR. LRS.
|
HON’BLE MS. JUSTICE HIMA KOHLI HON’BLE MR. JUSTICE RAJESH BINDAL |
HON’BLE MR. JUSTICE RAJESH BINDAL | 12-10-2023 |