लखनऊ। कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश उच्चतर न्यायिक सेवा नियमावली, 1975 में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। उच्च न्यायालय की संस्तुति के आधार पर उप्र उच्चतर न्यायिक सेवा (अठारहवां संशोधन) नियमावली, 2026 लागू की जाएगी। नई व्यवस्था के तहत सिविल जज (सीनियर डिवीजन) से पदोन्नति का कोटा 65% से घटाकर 50% कर दिया गया है। यह पदोन्नति श्रेष्ठता व वरिष्ठता के आधार पर और उपयुक्तता परीक्षा पास करने वाले अधिकारियों को दी जाएगी। वहीं सीमित विभागीय प्रतियोगी परीक्षा के जरिए पदोन्नति का कोटा 10% से बढ़ाकर 25% कर दिया गया है। इसमें वही सिविल जज शामिल हो सकेंगे जिन्होंने उस पद पर कम से कम तीन साल की सेवा और उप्र न्यायिक सेवा में कम से कम सात साल की सेवा पूरी की हो। इसके अलावा अधिवक्ताओं (बार) से सीधी भर्ती का कोटा पहले की तरह 25 प्रतिशत ही रहेगा। इस तरह से भर्ती, कोटा और चयन प्रक्रिया से जुड़े कुछ नियमों में बदलाव किया गया है। संशोधन के अनुसार भर्ती के स्रोत से जुड़े नियम-5, कोटा से संबंधित नियम-6, चयन प्रक्रिया से जुड़े नियम-18, पदोन्नति से संबंधित नियम-20, नियुक्ति से जुड़े नियम-22 और परिशिष्ट-1 में बदलाव किया जाएगा।